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Divyanter e-Magazine August - Sept 2011 दिव्यांतर (ई पत्रिका) अगस्त - सितम्बर २०११

श्री सुरेन्द्रनाथ जौहर (Shri S.N.Jauhar) Shri Aurobindo Ashram Delhi Branch

हमारी मासिक पत्रिका दिव्यांतर (ई पत्रिका) में पढिये श्री अरविन्द के प्रसिद्ध महाकाव्य ‘सावित्री’ का हिन्दी गद्य में अनुवाद

                                   सावित्री (हिन्दी अनुवाद गद्य में) खण्ड १, २ एवं ३                      मूल्य ७००=०० अजिल्द, मूल्य ८००=०० सजिल्द


माँ मंदिर श्रीअरविंदग्राम के प्रकाशनों की सूची

सोसाइटी आश्रम की आध्यात्मिक और शैक्षिक गतिविधियों का संचालन करती है जबकि ट्रस्ट वर्तमान में श्रीअरविंद योग से संबंधित सरल हिंदी में पुस्तकों का लेखन व प्रकाशन करता है। ये प्रकाशन हिंदी क्षेत्र के लिए उपयोगी सिद्ध हुए हैं। अभी तक के प्रकाशनों की सूची इस तरह है -


१. श्रीअरविन्द श्रीमाँ और उनकी साधना पुष्प - १ पृष्ट सं. ३२४ मूल्य १५०=००


इस खण्ड में श्रीअरविन्द और श्रीमाँ की पूर्ण जीवनी के साथ उनके योग की पूरी रूपरेखा को विस्तार से दृष्टान्तों के माध्यम से समझाया गया है। सारी सामग्री को जो मूल ग्रंथों के कई खण्डों में बिखरी है उसे एक स्थान पर क्रमबद्ध किया गया है। प्रथम संस्करण समाप्त हो जाने के बाद दूसरा संस्करण उपलध है।


२. श्रीअरविन्द औन उनकी साधना पुष्प - २ पृष्ट सं. २६७ मूल्य १००=००


यह श्रीअरविन्द योग का तुलनात्मक अध्ययन है जिसमें वेद, उपनिष्द, गीता, सांख्य बेदान्त, तंत्र द्वैत, अद्वैत, विशिष्टाद्वैव, अद्वैताद्वैव, पातञ्जलि योग विशिष्ट योग, व दर्शनों के साथ अलग अलग तुलना करते हुए श्रीअरविन्द योग की विशिष्टता और अनिवार्यता को रेखाङ्कित किया गया है।



३. श्रीअरविन्द श्रीमाँ और उनकी साधना पुष्प - ३ पृष्ट सं. ५३२ मूल्य हार्ड बाउण्ड - ३००=००, पेपर बाउण्ड २५१=००


इस खण्ड में श्रीअरविन्द योग के साधना पक्ष को लिया गया है। साधना को कैसे प्रारंभ करना चाहिए और किस प्रकार आगे बढ़ना चाहिए, किन पुस्तकों को साधना का आधार बनाते हुये चैत्य पुरुष् के जागरण, आरोहण और अवरोहण की क्रिया को संचालित करना चाहिये - जैसी बातों को अनुभूतियों के माध्यम से बहुत रोचक ढंग से समझाया गया है।


४. श्रीअरविन्द श्री माँ और उनकी साधना पुष्प - ४ पृष्ट सं. ६४६ मूल्य २५०=००


यह खण्ड सावित्री की सरल व्याख्या और उसका गद्य में सारांश है (अनुवाद नहीं) जिसे तीन भागों में लिखा गया है। सावित्री एक परिचय, सावित्री संक्षेप और सावित्री के विभिन्न विग्रह। ये तीन भाग अलगअलग पुस्तकों में भी प्राप्त है। सावित्री एक परिचय में समझाया गया है कि किस प्रकार सावित्री श्रीअरविन्द का सांगोपांग पूर्ण योग है और साधक किस प्रकार सावित्री के सहारे साधना पथ पर शीघ्र प्रगति करने लगता है। सावित्री संक्षेप में प्रत्येक सर्ग का गद्य में सारांश दिया गया है जिसके सहारे सावित्री को समझने में सहायता मिलती है। सावित्री के विभिन्न विग्रह में सावित्री की सामग्री को विभिन्न दृष्टिकोणों से देखने और जीवन से जुड़े सारे पक्षों की समस्याओं का समाधान ढूंढ़ने का प्रयास किया गया है। सावित्री पूर्ण जीवन दर्शन है इसे इस व्याख्या द्वारा समझाने का प्रयास किया गया है। इस खण्ड में ६ अध्याय हैं 'सावित्री एक पीड़ा', 'सावित्री एक सृजन', 'सावित्री एक साधना', 'सावित्री एक प्रकाश', 'सावित्री एक मर्म', 'सावित्री एक क्रान्ति'। प्रत्येक अध्याय अलगअलग पुस्तक के रूप में भी उपलध है। सावित्री की यह सांगोवाम व्याख्या सावित्री के ३ खण्डों में किये गये हिन्दी अनुवाद को समझने के लिए कुंजी का काम करती है। यह अनुवाद अलग से प्रकाशित है।


५. Evolution towards Human Unity - पृष्ट सं. २७३ मूल्य २००=००


सरल अँग्रेजी में लिखी यह पुस्तक श्रीअरविन्द के Ideal of Human Unity, The Human Cycle, The ridle of the world और Life divine के कुछ अंशों का संक्षिप्त विवेचन है साथ ही पश्चिम के दर्जनों इतिहास के दार्शनिकों जैसे ट्वायानबी सोरोकिन, स्पेंगलर वार्डेयाव, हीगल, प्लेटो, अरस्तु, डार्विन, मार्स आदि के विचारों से तुलना है जो चेतना के एक नये आयाम की दिशा की ओर इशारा करती है। चेतना का यह नया आयाम सुप्रामेण्टल है जिसके अवतरण से ही मानव एकत्व का उद्‌देश्य पूरा होगा। इस खोज ने पश्चिम के सारे दार्शनिकों को बौना सिद्ध कर दिया है


६. पुष्पाञ्जलि - पृष्ट सं. २३५- मूल्य १००=००


यह श्रीअरविन्द की सावित्री पर आधारित १२५ पदों की पदावली है जिसे सुन्दर संगीत में पिरोया जा सकता है।


७. आत्माञ्जलि - पृष्ट सं. ५२ - मूल्य ३०=००


यह श्रीअरविन्द योग के साधकों के लिये पुरानी चीजों से हटकर भजनों की एक सुन्दर रचना है। इन भजनों में भतिपूर्ण लय और आनन्द में डुबाने वाला रस है। बच्चों और सयानों के लिए अलगअलग मात्राओं के गीत, भजन और कीर्तनों की रचना की गई है।


८. माँकृपा - पृष्ट सं. २०४ - मूल्य ७५=००


यह संस्मरणों की उपन्यास जैसी प्रस्तुति है जो माँ की कृपा की सच्ची और सजीव घटनाओं पर आधारित है। माँ अपने बच्चों की सहायता के लिये किस प्रकार कहीं भी, किसी भी क्षण प्रकट हो जाती है। इसका अद्‌भुत आख्यान इस पुस्तक में बड़े रोचक ढंग से किया गया है जिसे पढ़कर हृदय गद्‌गद्‌ हो जाता है।


९. ध्यान कैसे करें - पृष्ट सं. ४० मूल्य १५=००


यह छोटी सी पुस्तक श्रीअरविन्द योग में ध्यान के विधि की कुंजी है जिसे पढ़ने के बाद साधक को इधर उधर भटकने की आवश्यकता नहीं रह जाती। इस पुस्तक की बहुत बड़ी मांग है।


१०. अभीप्सा की आग को कैसे जलायें - पृष्ट सं. ३५ मूल्य १२=००


११. चैत्य पुरुष् कैसे जगायें - पृष्ट सं. ३२ मूल्य १५=००


चैत्य पुरुष् का जागरण श्रीअरविन्द योग की कुंजी है। इसके जागरण की सरल और प्रेरणास्पद विधियाँ इस पुस्तक में बताई गई हैं जिन्हें पढ़ने पर हृदय प्रफुल्लित हो जाता है और समर्पण की आग धधकने लगती है।


१२. श्रीअरविन्द श्री माँ और उनका योग - मूल्य १०=०० (प्रश्नोत्तर के रूप में)


१३. श्रीअरविन्द योग की साधना कैसे करें - मूल्य १०=०० (प्रश्नोत्तर के रूप में)


१४. भगवती माँ पर अत्यन्त भावपूर्ण भजनों के कैसेट - मू्‌ल्य ५०=०० एवं सी.डी. मूल्य ७५=००


ये भजन डॉ. के.एन. वर्मा द्वारा लिखे एवं कु. अनुभा भट्‌टाचार्य द्वारा गाये गये हैं।


१५. शति अवतरण का रहस्य मूल्य ३०=००


१६. सावित्री एक परिचय - पृ. ८६ मूल्य ५०=००


१७. सावित्री - संक्षेप पृ. २८६ मूल्य १००=००


१८. सावित्री के विभिन्न विग्रह - पृ. १७२ मूल्य १००=००


१९. सावित्री एक साधना मूल्य २०=००


२०. सावित्री एक पीड़ा मूल्य २०=००


२१. सावित्री एक सृजन मूल्य २०=००


२२. सावित्री एक प्यास मूल्य २०=००


२३. सावित्री एक प्रकाश मूल्य २०=००


२४. सावित्री एक मर्म मूल्य २०=००


२५. सावित्री एक क्रान्ति मूल्य २०=००


२६. सावित्री (हिन्दी अनुवाद गद्य में) मूल्य ७००=०० अजिल्द


खण्ड १, २ एवं ३ मूल्य ८००=०० सजिल्द


२७. A digest to Sri Aurobindo yoga (प्रेस में)


२८. सावित्री की अमृत सरितायें (प्रेस में)


२९. धरती के आँसू (प्रेस में)


इस पुस्तक में श्रीअरविन्द योग को उपन्यास की शैली में बड़े रोचक ढंग से लिखा गया है।
नोट : श्रीअरविन्द केन्द्रों के लिए २५% डिस्काउन्ट / ५ या अधिक सेट लेने पर पोस्टेज या ट्रेन भाड़ा निशुल्क।


मिलने का पता
माँ मन्दिर जन कल्याण ट्रस्ट
श्रीअरविन्द ग्राम, ग्राम व पो.आ. महसुवा
जिला रीवा (म.प्र.) 486114
दूरभाष् : 076622999248, मो. : 09229611840, 09229692010, 09424337818